Wednesday, 13 May 2020

कोरोना के बाद 3 मई के बाद क्‍या होगा आपका, मजदूरों का, स्‍कूल के बच्‍चों का, आप किससे मिलेंगे या फिर नहीं


कोरोना के बाद क्यो रोना?

मोदीजी का कोरोना लेकिन  आपको है रोना

मोदीजी कहते है कि कोरोना से हम जीत नहीं सकते है पर उसके साथ ही जीना सीखना होगा ? मोदीजी ने वैसे तो कई काम समयावधि को ध्यान में रखकर नहीं किये है जिससे देश में हमेशा नुकसान और गरीबोें को उसकी मार झेलना पडी है। इसका पहला उदाहरण नोटबंदी, दूसरा उदाहरण जीएसटी तीसरा उदाहरण रात्रि 8 बजे घोषणा कर 12 बजे से लाॅकडाउन जिसके कारण कई गर्भवती महिलाएं, बच्चे, मजदूर सड़क पर ही अपनी जान गवां बैठे है मेरा कहना है मोदीजी यह पाप कहां भरोगे आपको तो मेरे हिसाब से थोडा गरीबों के प्रति सोच कर हमेशा निर्णय लेना चाहिए जब आपने जनता कफर्यू लगाया तभी सबको सूचित कर देते और सबको अपने अपने घर जाने की सूचना दे देते तो आपके बाप का क्या जाता ? इस कोरोना ने देश को लगभग 10 साल पिछे धकेल दिया । 20 लाख करोड का पैकेज बांट दिया इसका सारा बोझा मध्यमवर्ग और गरीब वर्ग पर आयेगा, उनके बिजली बिल, पानी के बिल, सडक टेक्स, मकान टेक्स, किश्तों पर ब्याज, और लोन पर मिलने वाले सारे प्रकार के करों को बढ़ाकर मोदीजी अपना सारा खर्चा वसूल करेंगे इसमें सबसे मुख्य शराब और पेट्रोल डिजल जैसे को महंगा कर देंगे। खाने की सारी चीजों के भांव जैसे सभी दाले 150 रूपये से उपर किलो बिक रही है। तेल 110 रू किलों मूंगफली 180 रू किलो अब बताओं मोदीजी अच्छे दिन कब आयेंगे। मेरी जानकारी के हिसाब से कोरोना तो एक वैश्विक स्केंडल साबित होगा जो अमेरिका और चीन पूरी दुनिया के साथ खेल रहते है।