सांईबाबा हरायेंगे कोरोना को बचायेंगे आम जन को...
मेरे सांईनाथ हमारे सांईनाथ रखदे तू सर पे हाथ करदे साफ कर दे साफ तू सांईनाथ कोरोना एक साथ हम ही तो है परेशान जहां है परेशां नही है कोई काम स्कूल, बसे, और रास्ते है बंद नजर आर ही होती शाम तूने हैजा जैसे किया साफ अपनी शिर्डीसे आटे से अब तू ही बचा सांई दुनिया को कोरोना से होने वाले घाटे से अपनी अपनी कमाई कर रहै है व्यापारी साहूकार परेशां दरबदर भटक रहा आम आदमी का प्यार उसके पास नहीं है कोई काम और धंधा दुनिया बनाने वाले कैसा चल रहा यह गोरख धंधा डाक्टरों को मानते है हम भगवान नेता भी कम नहीं है बनते पहलवान सबको बचाये मेरे सांई हनुमान सबको बचाये मेरे सांई हनुमान जैसे लक्ष्मण को मूर्छा आई संजीवनी लाकर हनुमान ने जान बचाई अब इस कोरोना में सांई कौन बनेगा हनुमान इस कोरोना से कब मुक्त होगा अब इनसान क्या और कैसे लगाये हम इसका अनुमान
सांई राम-
लक्ष्मण सोनी
सांई राम-
लक्ष्मण सोनी

